इस दौरान धाम में सैकड़ों तीर्थयात्री मौजूद रहे। कपाट बंदी के अवसर पर सिलक्यारा सुरंग में फंसे लोगों की कुशलता और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान की सफलता की कामना भी की गई।
धार्मिक परम्परानुसार अन्नकूट पर्व पर अभिजीत मुहूर्त में अपराह्न 11 बजकर 45 मिनट पर बंद किये गए। इस अवसर पर
श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष रावल हरीश सेमवाल और सचिव सुरेश सेमवाल सहित सभी पांच थोकों के तीर्थ पुरोहित उपस्थित रहे।
कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली को यात्रा गंगोत्री धाम से शीतकालीन पड़ाव मुखबा के लिए प्रस्थान कराया गया। भैरोघाटी स्थित देवी मंदिर में रात्रि निवास के बाद गंगा जी की उत्सव डोली बुधवार को मुखबा गांव में पहुंचेगी।
उधर यमुनोत्री धाम के कपाट भी 15 नवंबर को भाईदूज के पर्व पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जायेंगे।
इस साल गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुजन दर्शनों के लिए पहुंचे। इस यात्रा काल में बीते दिन तक गंगोत्री धाम में 904868 तथा यमुनोत्री धाम में 735040 श्रद्धालु अपनी आमद दर्ज करा चुके थे।



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