17 September 2026

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सच की आवाज़

18 सितंबर को 140 चयनित विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की युवा शक्ति को प्रदेश के विकास की दिशा तय करने में सहभागी बनाने की पहल के तहत चलाए गए ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान का अंतिम चरण 18 सितंबर को आयोजित होगा। मुख्यमंत्री इस दिन प्रदेशभर से चयनित 140 छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद करेंगे और विकसित उत्तराखण्ड को लेकर उनके विचार, सुझाव और विजन को सुनेंगे।

अभियान के तहत ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर प्रदेश के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से विचार एवं सुझाव आमंत्रित किए गए थे। करीब तीन लाख विद्यार्थियों को अभियान से जोड़ा गया, जिनमें से 2,67,744 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने विचार सरकार तक पहुंचाए। विशेषज्ञ टीम ने प्राप्त सुझावों में से श्रेष्ठ एवं सार्थक विचार रखने वाले 140 विद्यार्थियों का चयन किया है।

आईएएस अधिकारी भी युवाओं के साथ करेंगे मंथन

मुख्यमंत्री धामी ने 18 सितंबर के संवाद को अधिक व्यापक और सार्थक बनाने के लिए शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों को भी युवाओं के साथ संवाद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले अधिकारी चयनित विद्यार्थियों के साथ बैठकर उनके विचार और सुझाव सुनेंगे।

शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं पर्यावरण, स्वरोजगार, पलायन, लोक निर्माण, आईटी, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विभागों के अधिकारी युवाओं की अपेक्षाओं और सुझावों को समझेंगे। इसके बाद महत्वपूर्ण विचारों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा।

युवाओं के विचारों को नीति-निर्माण से जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि युवा केवल उत्तराखण्ड का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान में भी नीति-निर्माण के महत्वपूर्ण सहभागी हैं। इसी सोच के साथ ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ को महज प्रतियोगिता के बजाय सरकार और युवा पीढ़ी के बीच वैचारिक संवाद का मंच बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों से मिले सार्थक और उपयोगी सुझावों को सरकार की नीतियों तथा विकास योजनाओं में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा जिस उत्तराखण्ड की कल्पना कर रहे हैं, उसे समझना और उनके विजन को विकास की योजनाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा, “इस पीढ़ी के साथ वैचारिक मंथन से हमें नए विचारों को जानने और समझने का अवसर मिला है। यह पीढ़ी उत्तराखण्ड का भविष्य है। विद्यार्थियों के साथ ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर सार्थक और सकारात्मक संवाद हुआ है। अब वरिष्ठ अधिकारी भी युवाओं के साथ बैठकर उनके विजन और विचारों को सुनेंगे। अच्छे और उपयोगी विचारों को नीतियों में शामिल किया जाएगा।”

विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में युवाओं की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विजन देश के सामने रखा है। उत्तराखण्ड के युवा भी इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मक सोच के माध्यम से प्रदेश के युवा विकसित उत्तराखण्ड और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनें, यही ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ का प्रमुख उद्देश्य है।

140 विद्यार्थियों को मिलेगी दो लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान की शुरुआत 10 अगस्त को मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान की थी। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर अपने विचार साझा करने और राज्य के विकास के लिए रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया था।

मुख्यमंत्री ने श्रेष्ठ विचार देने वाले विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा के बाद करियर की तैयारी एवं कोचिंग के लिए दो लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा भी की थी। अभियान के तहत चयनित 140 छात्र-छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

शिक्षा से लेकर रोजगार और पलायन तक पर युवाओं ने रखी सोच

अभियान के माध्यम से सरकार ने शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, पलायन, पर्यटन, पर्यावरण, तकनीक, महिला सशक्तिकरण और प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर युवा पीढ़ी की सोच और अपेक्षाओं को जानने का प्रयास किया है।

18 सितंबर को मुख्यमंत्री और 140 चयनित विद्यार्थियों के बीच होने वाला संवाद इस अभियान के अंतिम चरण का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों के विचारों को शासन-प्रशासन के स्तर तक पहुंचाने और उपयोगी सुझावों को विकास की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में आगे की कार्यवाही की जाएगी।