देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प साकार होगा। उन्होंने युवाओं से अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग देश व समाज की प्रगति के लिए करने तथा रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने देहरादून के बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया। समारोह में इस वर्ष कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। विश्वविद्यालय से निकलने के बाद विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करना होगा। इसके लिए मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से होती है। जीवन में अच्छे कार्य करने और दूसरों की सहायता करने से ही सच्ची खुशी और संतुष्टि मिलती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्हें विश्वास है कि यूपीईएस से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता से उत्तराखंड सहित देश का नाम रोशन करेंगे।
तकनीक और नवाचार पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, हरित ऊर्जा और डिजिटल तकनीक का है। राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना भी की गई है।
उन्होंने बताया कि युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें।
पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से 35 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले पांच वर्षों में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। सरकार युवाओं को योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। इससे युवाओं की जागरूकता और सामाजिक विषयों के प्रति उनकी सकारात्मक सोच का पता चलता है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों से किया संवाद
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए अभिभावकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।
कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



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