5 February 2026

aawaj uttarakhand

सच की आवाज़

भगवान श्री बदरीनाथ नाम पट्टिका स्थापित कर प्रफुल्लित हुए कैलाश कुमार सुथार।

श्री बदरीनाथ धाम: 31 अक्टूबर। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के तत्वावधान में राजस्थान के दानीदाता कैलाश कुमार सुथार ने भगवान बदरीनाथ मंदिर के आगे “श्री बदरीनाथ मंदिर” की नाम पट्टिका लगायी है जिससे श्री बदरीनाथ मंदिर की शोभा भी बढ़ गयी है तथा दूर से ही यह नाम पट्टिका श्रद्धालुजन देख पा रहे है। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ने दानीदाता को साधुवाद दिया है।

विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम की महिमा का वर्णन वेद पुराणों में तो वर्णित है साथ ही देश के चार धामों में मोक्ष धाम के रूप में भी विख्यात है सारा बदरी क्षेत्र ईशमय है किंतु जिस भूभाग में मंदिर स्थित है उसका अपना महत्व है।

श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि अभी तक श्री बदरीनाथ मंदिर के समीप जगह- जगह श्री बदरीनाथ मंदिर के छोटे बोर्ड लगे थे लेकिन वह बोर्ड दूर से नहीं दिखाई देते थे भगवान के नाम की नाम पट्टिका लगने से श्रद्धालुजन दूर से दिन तथा रात भगवान बदरीविशाल के मंदिर का नाम देख पा रहे है।

उल्लेखनीय है कि कैलाश कुमार सुमेरपुर ( पाली) राजस्थान के निवासी हैं। वहां उनकी लेजर फ्लैक्स, कार्ड बोर्ड, लिखाई की चार भुजा ईएनसी के नाम से फर्म है।

कैलाश कुमार ने बताया कि उनकी हार्दिक इच्छा थी वह भगवान के नाम का बोर्ड मंदिर के आगे सुशोभित करे इसबारे में वह श्री बदरीनाथ में मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान से मिले।बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार से इस बावत वार्ता भी की उनका सहयोग भी मिला तथा श्री बदरीनाथ मंदिर की नाम पट्टिका राजस्थान में बनकर तैयार हुई तथा राजस्थान से बदरीनाथ लाकर नाम के बोर्ड को स्थापित किया बताया कि मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान ने इस कार्य के लिए उन्हें प्रेरणा दी। भगवान के नाम के इस सेवा कार्य पर उन्होंने स्वेच्छा से साढ़े पांच लाख रूपये खर्च किये। इससे उन्हें अपार खुशी हो रही है।

नाम पट्टिका स्थापित करने अवसर पर रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, सहायक अभियंता गिरीश देवली,मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान,राजेंद्र सेमवाल मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़,अजीत भंडारी आदि मौजूद रहे।

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